परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है
अक्सर लोग पूछते हैं कि एक अकेला व्यक्ति क्या बदल सकता है? मेरा उत्तर है—एक अकेला दीपक भी घने अंधेरे को चुनौती देने के लिए काफी होता है। हमारी समिति का हर सदस्य और हर दानदाता वही दीपक है। हम केवल सहायता नहीं कर रहे, हम आत्मनिर्भरता की नींव रख रहे हैं। जब एक ग्रामीण बच्चा शिक्षित होकर अपने पैरों पर खड़ा होता है, तब हमारी 'सेवा' सार्थक होती है।